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पॉलीथिन मुक्त अभियान बाद में चलाना, पहले हमें कर्ज मुक्त बनाओ

जागरण संवाददाता, हिसार : लघु सचिवालय में आयोजित पॉलीथिन मुक्त अभियान पर आयोजित कार्यशाला का बृहस्पतिवार को चार ब्लॉकों के सरपंचों ने बहिष्कार कर दिया। सभी सरपंच प्रशासन द्वारा उनकी मांगें न मानने से नाराज हैं। उन्होंने प्रशासन पर जानबूझकर उनकी मांगों को लटकाने और दवाब बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण आज वे महंगे दामों पर ईंट और सीमेंट खरीदने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि हालात इतने खराब हैं कि वे गांव में किसी भी व्यक्ति का राशन कार्ड तक नहीं बनवा सकते। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज तक नरेगा के तहत हुए पक्के कामों की पेमेंट उन्हें नहीं की गई है, जिसके कारण वे मजबूरन ब्याज भर रहे हैं।

सरपंचों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिन में उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे ब्लॉक स्तर पर धरना शुरू करेंगे। सरपंच जब लघु सचिवालय में विरोध जता रहे थे तो उनके मनाने के लिए डीडीपीओ अशवीर नैन मौके पर पहुंचे। डीडीपीओ को देखकर सरपंचों ने उनका घेराव कर अपनी एक-एक परेशानी बतानी शुरू कर दी। करीब एक घंटे तक डीडीपीओ सरपंचों को समझाते रहे मगर सरपंचों ने उनकी मांग मानने से इन्कार दिया और वहां से चले गए। इसका नतीजा यह हुआ कि पॉलीथिन मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए बुलाई कार्यशाला में जिले के आधे सरपंच भी उपस्थित नहीं हुए। हुआ यूं कि जिला प्रशासन की ओर से पॉलीथिन मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए चार ब्लॉक के सरपंचों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें हिसार, हिसार फस्ट, नलवा, बरवाला और अग्रोहा ब्लॉक के सरपंचों ने भाग लिया। सरपंच कार्यशाला के साथ-साथ उनकी मांगों को भी रखने आए थे मगर उन्होंने सभागार में एकत्रित होते ही कार्यशाला का बहिष्कार कर दिया।