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सरस्वती नदी की खोज में 240 मीटर पर पहुंचा बोर

सिरसा : हरियाणा सरस्वती हैरिटेज बोर्ड की ओर से सिरसा के फरवाईं कलां गांव में सरस्वती नदी की खोदाई का कार्य शुरू हो गया है। दूसरे दिन तक 240 मीटर तक बोर किया गया है। हरियाणा में नौ अन्य स्थानों पर किए गए बोर के मुकाबले सिरसा में पानी की अधिकता पाई जा रही है। हालांकि यहां बो¨रग कार्य की निगरानी कर रहे अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के वाटर एंड पावर कंस्लटेंशन की ओर से वैबकोश की ओर से बो¨रग का कार्य किया जा रहा है। सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक बो¨रग की जाएगी और 500 मीटर की गहराई तक सरस्वती नदी की खोज में बोर किया जाएगा। हालांकि अभी तक 240 मीटर पर बोर पहुंचा है और यहां पानी अच्छा मिला है। जहां बोर किया गया है वह जगह घग्घर नदी से पांच एकड़ की दूरी पर है। इसलिए यह भी माना जा रहा है कि घग्घर नदी के कारण भी यह पानी सही हो सकता है। यमुनानगर में चार, कुरुक्षेत्र में तीन जबकि सिरसा में एक जगह बोर का कार्य किया गया है। अधिकारियों के अनुसार सभी जगह पर पानी की क्वालिटी अच्छी है। पहला बोर 14 नवंबर 2017 को यमुनानगर के आदि बद्री में किया गया था।

हर दस फुट पर मिट्टी की होगी जांच

बो¨रग कर रहे कर्मचारियों के अनुसार हर दस फुट पर मिट्टी के सैंपल लिए जा रहे हैं। गीली मिट्टी के इन सैंपलों की जांच दिल्ली, अंबाला और चंडीगढ़ लैब में होगी। इनके अलावा रुड़की और लखनऊ में भी मिट्टी सैंपल की जांच होगी। मिट्टी जांच से पानी की मात्रा, पानी की क्वालिटी सहित कई अन्य जानकारियां हासिल होती है। इसलिए हर दस फुट पर मिट्टी के सैंपल लिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अभी तक 83 सैंपल ले लिए गए हैं। इन सैंपलों को साथ ही साथ लैब भेजा जा रहा है।

बोर कार्य को देख रहे ओमप्रकाश सहरावत ने बताया कि 500 मीटर की गहराई तक बोर किया जायेगा। इस बोर का उद्देश्य भूजल की स्थिति का पता लगाना है। बो¨रग के दौरान कई स्थानों पर मिट्टी में कंकड़-पत्थर आने की संभावना है इसलिए बोर का कार्य कुछ दिन और चल सकता है।

यह केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है। केंद्र सरकार ने दस बोर स्वीकृत किए हैं। अभी बोर होने के बाद उनका विश्लेषण होगा। बोर होने के बाद इसकी रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को दे दी जाएगी। मिट्टी के विश्लेषण से ही जमीन के पानी के भंडारण की जानकारी आसानी से मिल जाएगी। परिणाम अच्छे आए तो बोर की संख्या सौ भी हो सकती है