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सर्वेक्षण के पहले ही दिन नप गए 'नप' के दावे

फतेहाबाद: स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के लिए बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार की तरफ से निर्धारित एजेंसी की एक टीम फतेहाबाद में पहुंची। निरीक्षण टीम सदस्य अमित कुमार जैसे ही सुबह नप कार्यालय में पहुंचे तो अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सुबह करीब साढ़े 11 बजे अमित कुमार ने पहले नप कार्यालय व दमकल विभाग कार्यालय का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम 12 बजे से देर शाम तक ईओ अमन ढांडा के कार्यालय में बैठी रही। टीम ने नप द्वारा किए गए दावों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की और प्रूफ जुटाए। टीम सदस्य आज शुक्रवार को भी दस्तावेजों की जांच करेंगे कि नप ने जो दावे किए हैं वह ठीक हैं या नहीं या फिर कागजों में काम हो रहा है। टीम सदस्यों ने दावा किया है कि यहां से दस्तावेजों की जांच होने के बाद किसी भी समय टीम फील्ड में जाकर निरीक्षण करने के लिए आ सकती है। शहरी विकास मंत्रालय की तरफ से स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में देश भर के 4041 शहरों को सर्वे के लिए चुना गया है। जिसमें फतेहाबाद भी शामिल है। मंत्रालय की तरफ से एक आनलाइन फार्मेट जारी किया था। जिसे संबंधित निकायों को भरकर अपडेट करना था। फार्मेट भरकर जो नप की तरफ से दावे किए हैं उसकी जमीनी स्तर पर टीम जांच करेगी। इसको लेकर टीम प्रूफ जुटा रही है। नप को कई जगहों पर अच्छे नंबर मिलने की उम्मीद है तो कई जगह पर नंबर कट सकते हैं।

--स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के तहत पूछे गए सवाल

- क्या शहर के कॉमर्शियल एरिया में दिन व रात के समय सफाई होती है, अगर हां तो तीन महीने के प्रूफ दिए जाएं

नप : कॉमर्शियल एरिया में दो दिन से दिन व रात के समय सफाई हो रही है, तीन महीने का प्रूफ नहीं है ।

- रेजिडेंशियल वेल्फेयर है या नहीं

नप : शहर में रेजिडेंशियल वेल्फेयर सोसाइटी है ।

- क्या कूड़ा बीनने वालों के आधार कार्ड नंबर व मोबाइल नंबर है ।

नप : हमारे पास कूड़ा बीनने वालों के आधार कार्ड व मोबाइल नंबर हैं।

- क्या वार्ड वाइज कर्मचारी नियुक्त कर रखे हैं।

नप : हमारी तरफ से वार्ड स्तर पर कर्मचारी नियुक्त कर रखे हैं।

- कितनी गाड़ियों पर जीपीएस सिस्टम है।

नप : हमारे पास 6 गाड़ियां है, उनमें से दो पर जीपीएस सिस्टम है।

- कितना कचरा यहां से निकलता है

-नप : शहर से रोजाना 36 मीट्रिक टन कचरा निकलता है।

- खाली प्लाटों की कितनी बार सफाई हुई है।

नप : एक बार शहर के खाली प्लाटों की सफाई हुई है।

- क्या कंपोस्ट खादी बनाई जाती है और उससे कितनी आय होती है।

नप : शहर में 12 पार्क व गार्डन है, इसके अलावा मताना में नंदीशाला है। यहां पर कंपोस्ट खाद तैयार की जाती है। नंदीशाला में तैयार होनी वाली खाद को बेचने के बाद होने वाली आय को वहीं इस्तेमाल किया जाता है।