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बीबीवाई योजना से होगी सब्जी के नुकसान की भरपाई

 समालखा : हरियाणा उद्यान विभाग के महानिदेशक डा. अर्जुन सिंह ने जौरासी गांव के एक फार्म हाउस पर किसानों को आय बढ़ाने के लिए व्यवसायिक खेती पर जोर देने को कहा।

उन्होंने कहा कि अब व्यवसायिक खेती करने वाले किसानों को किसी तरह के नुकसान का सामना करना नहीं पड़ेगा। सरकार किसानों को भावांतर भरपाई योजना (बीबीवाई) योजना के तहत नुकसान की भरपाई करेगी। इसके लिए किसानों को पहले योजना के पोर्टल बीबीवाई पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। साथ ही फसल की बिक्री के समय जे फार्म भरना होगा। उन्होंने कहा कि बगैर जे फार्म के किसानों को मुआवजा नहीं मिलेगा। उन्होंने किसानों के प्रश्नों के जवाब भी दिए।

महानिदेशक ने कहा कि योजना की घोषणा से पहले आलू और फूलगोभी लगाने का समय बीत चुका है। प्याज और टमाटर का सीजन अभी शेष है। दोनों के लिए रजिस्ट्रेशन की तिथि 15 फरवरी तक है। रजिस्ट्रेशन के समय किसानों को फसल के रकबे के बारे में जानकारी देनी होगी। फिर 15 मार्च तक विभाग इसका सत्यापन करेगा। 25 मार्च तक सत्यापन के विरुद्ध अपील सुनी जाएगी। अप्रैल से इसकी बिक्री शुरू हो जाएगी। सरकार ने इस साल प्याज का 500 रुपये तो टमाटर का 400 रुपये प्रति क्विंटल संरक्षित थोक मूल्य तय किया है। हर साल आलू, प्याज, टमाटर और फूलगोभी का संरक्षित थोक मूल्य मूल्य सरकार द्वारा तय किया जाएगा। तय मूल्य से कम में सब्जी बिकने पर सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई करेगी। समर्थन मूल्य से अधिक में फसल के बिकने पर किसानों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि किसानों को पंजीकरण कराने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। ई-दिशा केंद्र, सर्व सेवा केंद्र, मार्केटिंग बोर्ड, बागवानी विभाग, कृषि विभाग और इंटरनेट कियोस्क पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा मौजूद है। उन्होंने कहा कि किसानों के आय को बढ़ाने और सब्जी की खेती में होने वाले जोखिम को कम करने के लिए हरियाणा सरकार ने यह योजना शुरू की है। किसानों के सहयोग के बिना इसे सफल नहीं बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि योजना की खात बात यह है कि काश्तकार चाहे खुद की जमीन पर सब्जी बोता है या लीज पर ली गई जमीन पर सभी किसान इस योजना का पात्र होगा। प्याज 100 क्विंटल तो टमाटर 140 क्विंटल की खरीद सरकार द्वारा की जाएगी। जिला उद्यान अधिकारी सुभाष चन्द्र ने भी सभा को संबोधित किया