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ताराचंद आत्मदाह करने पर होगा मजबूर

 62 वर्षीय रिटार्यड व नेत्र रूप से विकलांग व्यक्ति ने जिला न्यायालय के एक वरिष्ठ अधिवक्ता के खिलाफ डायरेक्टर ऑफ जरनल पुलिस को दी अपनी शिकायत के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत में पीडि़त ताराचंद निवासी एन.एच तीन फरीदाबाद ने बताया कि वह अधिवक्कता एस.पी.बुद्धिराजा से सन 1987-88 में एक केस के सिलसिले में अपनी मां के 151 वर्ग गज के मकान को एक व्यकित द्वारा धोखा धड़ी करके ओने पौने दाम में खरीदे जाने के बारे में मिला था और उन्हें फीस देकर धोखा धड़ी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ केस लडऩे को कहा। उक्त अधिवक्तता ने खरीददार से सांठ -गांठ करके हमारे केस में शामिल सभी गवाहों को प्रलोभन व डरा धमका कर तोड़ दिया। जिसके तहत मैं फरीदाबाद न्यायालय में मुकद्दमा हार गया। एडवोकेट एस.पी.बुद्धिराजा मुझे अनेकों प्रकार से ओरों के माध्यम से डराता धमकाता रहा है। मैं जिला पुलिस प्रशासन से न्याय की भीग मांगता हंू। और मेेरे केस की फाईल को निकलावकर उच्च कानून के ज्ञाताओं से जांच करवाई जाए। 
ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए। और मुझे न्याय मिल सके। तारा चंद ने कहा है कि यदि पुलिस प्रशासन उसका साथ नहीं देगा तो वह आत्मदाह करने पर मजबूर होगा और जिसका जिम्मेदार उक्त एडवोकेट होगा।