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बच्चों को ईनाम वितरित करती डीआईपीआरओ उषा रानी

नारनौल, 11 जनवरी। समाज में बेटियों को बचाने व पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अधिकारों सहित आगे बढऩे का अवसर मुहैया कराएं ताकि वे आत्मविश्वास से जीवन की उंचाईयों को छू सकें। ये विचार आज महिला एवं बाल विकास विभाग के सौजन्य से विकास खंड नागल चौधरी के गांव मूलौदी में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला सूचना एवं जनसम्पर्क  अधिकारी उषा रानी ने व्यक्त किए। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिगड़ते लिंग अनुपात को सही करने के लिए इस अभियान की शुरूआत की गई हैं ताकि भावी पीढ़ी को स्वच्छ समाज प्रदान किया जा सके। 
उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक वर्ग का सहयोग जरूरी है। वर्तमान सरकार द्वारा लड़कियों के जन्म से लेकर शिक्षा व स्वरोजगार तक अनेक  सम्मानित योजनाएं क्रियान्वित की गई हंै। हमारा दायित्व बनता है कि हम लड़कियों को आगे बढऩे में उनका सहयोग दे। 
इस अवसर पर सीडीपीओ आशा शर्मा ने कहा कि सरपंच रितू यादव के सहयोग की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षित सरपंच अपने स्तर पर अनेेक बुराईयों को समाप्त करने व समस्याओं का निदान करने में सहायक होता है। उन्होंने महिलाओं को बेटियों को शिक्षित करने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षित हो बेटियां विभिन्न पदों को सुशोभित करेगी तो स्वयं पर ही नहीं पूरे गांव को बेटियों पर गर्व होगा। 
इस अवसर पर वन स्टाप सेन्टर की वंदना शर्मा ने बताया कि वन स्टाप सेन्टर के माध्यम से अगर किसी महिला पर अत्याचार हो रहा है तो शिकायत कर सकती है। स्कूल के प्राचार्य ने कहा कि लड़कियों को इतना शिक्षित करो कि वे अपने अधिकारों का हनन न होने दे। इस अवसर पर कनिष्का नामक बच्ची ने भाषण व एक्टिंग के माध्यम से बेटी को शिक्षित करने का संदेश दिया। इसी प्रकार शिक्षा के अभाव के कारण होने वाली समस्याओं को दर्शाता नाटक भी प्रस्तुत किया गया जो खूब सराहा गया।