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दो एसोसिएशन में वर्चस्व की लड़ाई में फंसे खिलाड़ी, रुका फुटबॉल प्रशिक्षण कैंप

अंबाला हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन में जारी वर्चस्व की लड़ाई के चलते खेलमंत्री अनिल विज के अंबाला जिले में राज्य स्तरीय आठ दिवसीय फुटबॉल प्रशिक्षण कैंप के छठे दिन ब्रेक लग गई है। फुटबॉल के खिलाड़ियों में जहां मायूसी का आलम है तो वहीं अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ ने भी नार्थ जोन संतोष ट्राफी में हरियाणा की टीम को शामिल नहीं किया है। यह प्रतियोगिता उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 15 से 20 जनवरी तक खेली जानी है। सोनीपत के स्थानीय कोर्ट में हरियाणा में दो फुटबॉल की दो एसोसिएशनों का मामला विचाराधीन है और कोर्ट ने स्टे लगा रखा है। बुधवार को इस मामले की सुनवाई हुई लेकिन फैसला नहीं आ पाया है।

अंबाला छावनी के रॉबर्ट पैवेलियन ग्राउंड में 3 जनवरी को हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन (भाजपा समर्थित) संतोष ट्रॉफी में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का ट्रायल हुए थे। ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए प्रदेश के 250 खिलाड़ियों में से 40 का चयन किया गा था। इस चयन के बाद अंबाला शहर के सेक्टर 10 में स्थित राजीव गांधी स्टेडियम में प्रशिक्षण कैंप चल रहा था, लेकिन पांचवे दिन यह कैंप सोनीपत में कोर्ट केस के चलते रोक दिया गया है। इस कैंप में संतोष ट्राफी के लिए 20 सदस्यीय टीम का चयन किया जाना था लेकिन यह कैंप बीच में रुक गया है। यह ट्रायल और कैंप अंबाला में 20 साल के बाद हो रहा है और यदि कोई फैसला 15 जनवरी से पहले नहीं होता तो दोनों एसोसिएशन के ट्रायल और प्रशिक्षण कैंप के जरिए बनाई गई टीमें एक बार फिर बनी रह जाएंगी। बता दें कि सोनीपत कोर्ट में अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ और कांग्रेस समर्थित हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन के बीच में कोर्ट केस चल रहा है और अब हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन (भाजपा समर्थित) भी इसमें पार्टी बन गई है। बृहस्पतिवार यानि 11 जनवरी को अब इस मामले में बहस होनी है। बुधवार को महासंघ ने बहस के लिए समय मांग लिया है।

कोट्स

सोनीपत में कोर्ट केस चल रहा है, उम्मीद है कि बृहस्पतिवार को कोर्ट से स्टे पर फैसला आ जाएगा। प्रशिक्षण कैंप में भाग लेने वाले युवाओं को आराम देने के लिए यह कैंप रोका गया है। कोर्ट का फैसला आने के बाद इसे चालू कराया जाएगा। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ ने हमसे तीन दिन में टीम के बारे में जवाब मांगा था जो भेजा जा चुका है।