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डेढ़ साल से एचएसवीपी ने नप को नहीं दी वित्तीय सहायता, लटका विकास

सिरसा : पिछले डेढ़ साल से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से नगर परिषद को वित्तीय सहायता नहीं दी गई है। समझौते के मुताबिक तो एचएसवीपी को अपनी आय का 75 फीसद हिस्सा नगर परिषद को सौंपना था। वित्तीय सहायता नहीं मिलने से नगर परिषद प्रशासन एचएसवीपी के सेक्टरों में अब तक विकास कार्यों की शुरुआत नहीं कर पाया है। डेढ़ साल से सेक्टरवासी दोनों अथॉरिटी के बीच फंसे हुए हैं। न सफाई व्यवस्था दुरुस्त है तो न ही स्ट्रीट लाइटों के हालात सुधरे हैं।

गौरतलब है कि जून 2016 में एचएसवीपी सेक्टरों को नगर परिषद के हवाले किया गया था। उस समय सेक्टरों में सफाई, सड़क के रखरखाव के अलावा बरसाती पानी निकासी संबंधी व्यवस्था करने का जिम्मा नगर परिषद को दिया गया।

एचएसवीपी अथॉरिटी को सेक्टर बसाने और प्लाटों की बिक्री से आय होती है। इसके अलावा कामर्शियल क्षेत्रों में दुकानों की बोली से भी पैसा प्राप्त होता है। नियम बनाए गए थे कि एचएसवीपी को विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त आय का 75 फीसद जबकि अनसोल्ड साइटों की आय का 50 फीसद हिस्सा नगर परिषद को देना होगा। मगर अधिकारियों की मानें तो पिछले डेढ़ साल से एक पैसा भी नगर परिषद को एचएसवीपी की तरफ से नहीं मिला है। नगर परिषद प्रशासन की ओर से 28 अक्टूबर 2016 से लेकर अब तक लगातार पत्र व्यवहार भी किया गया है। मगर फिर भी एचएसवीपी अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया है।

नगर परिषद प्रशासन पहले से ही सफाई कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में सेक्टरों का एरिया और परिषद के दायरे में आने के बाद से अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। सेक्टरों में कर्मचारी भेजने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था ठप हो जाती है। इस समय पूरे शहर की सफाई व्यवस्था मात्र 268 सफाई कर्मचारियों के सहारे है।