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विद्यार्थी मना रहे छुट्टी, शिक्षक क्यों जाएं स्कूल?

सोनीपत: सर्दियों की छुट्टियों को लेकर प्रदेश शिक्षा विभाग के फैसले के बाद जिले के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों में गतिरोध पैदा हो गया है। आठ जनवरी को सेकेंडरी शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की छुट्टी 12 जनवरी तक किए जाने की बात कही गई जबकि नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं मंगलवार से शुरू कर दी गई थी।

इसके बाद खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया द्वारा प्राइमरी व मिडिल शिक्षकों के लिए मैसेज छोड़ा गया कि छुट्टी महज विद्यार्थियों की है। शिक्षकों को स्कूल पहुंचना होगा। इस निर्देश के खिलाफ शिक्षक सुबह मुखर हो गए और मॉडल टाउन स्थित खंड शिक्षा अधिकारी के दफ्तर में शिकायत करने पहुंचे। दफ्तर में कोई आला अधिकारी न होने पर उन्होंने अधिकारियों से फोन पर छुट्टी किए जाने की अपील की मगर इस बारे में कोई समाधान न निकल सका।

शिक्षा विभाग के दफ्तर पहुंचे राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सोनीपत ब्लॉक प्रमुख अनिक छिक्कारा व खरखौदा ब्लॉक प्रमुख विनोद राणा ने बताया कि जब सरकार की ओर से आठवीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी ही कर दी गई है तो वह खाली क्लासरूम में बैठकर क्या करेंगे। वहीं विजेंद्र व नफीस अली ने कहा कि आठवीं तक की छुट्टी करने के बावजूद जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा उन्हें बुलाना एक तुगलकी फरमान की तरह है।

संघ के जिला प्रधान सतबीर खत्री ने कहा कि या तो बच्चों को भी स्कूल बुलाया जाए और पढ़ाई ही शुरू करा दी जाए। अगर बच्चों की छुट्टी है तो शिक्षकों को स्कूल नहीं बुलाया जाना चाहिए। शिक्षक पवन ने बताया कि उनके स्कूल में आठवीं तक के शिक्षक मंगलवार को छुट्टी पर रह गए तो स्कूल इंचार्ज द्वारा उन्हें अनुपस्थित दिखाया गया है। दफ्तर में मौजूद तमाम शिक्षकों ने हाजिरी काटने को गलत बताते हुए जिला अधिकारियों के प्रति रोष प्रकट किया।