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परिवारों ने आपस में बांट ली अस्थियां, अवशेष थाने में रखे

पानीपत : भगवती एक्सपोर्ट फैक्ट्री में जिंदा जले दो मजदूरों की 11 दिन बाद सिर्फ अस्थियां ही मिल सकीं। ये भी नहीं पता चल पाया कि कौन सी अस्थि किसकी हैं। दोनों परिवारों ने आधी-आधी आपस में बांट ली। कुछ हिस्सा पुलिस ने रख लिया है, ताकि आगे कानूनी कार्रवाई के दौरान इन्हें सामने रखा जा सके।

बुधवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. नारायण डब्बास ने हड्डियों की जांच पड़ताल करके ये तो बता दिया कि हड्डिया दो लोगों की है। उनमें शिनाख्त करने लायक कुछ नहीं बचा है।

हड्डियों से डीएनए सैंपल लगभग खत्म होने की बात सुनकर मृतकों के परिजन भी एक दूसरे को सांत्वना देते दिखाई दिए। मृतक सोनू के परिजन बदायूं व नंदू के परिजन दूल्हाखेड़ी शामली के लिए बुधवार देर शाम लगभग 4:35 बजे रवाना हो गए। परिजन आपस में कुछ बोल नहीं रहे थे लेकिन उनकी आंखें ही आपबीती बयां कर रही थी। जांच अधिकारी एएसआइ धर्मवीर ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को काबू कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

अस्पताल में भी पीना पड़ा सब्र का घूंट : अस्थियां ढूंढ़ने के लिए परिजन हर रोज 9 बजे तक फैक्ट्री पहुंच जाते थे। मंगलवार को हड्डियां मिल गई, लेकिन पुलिस ने उन्हें जांच के लिए सामान्य अस्पताल में रखवा दिया। बुधवार को परिजन पहले की तरह ही सामान्य अस्पताल में भी 9 बजे पहुंच गए। यहां भी उनके नसीब में इंतजार करना ही लिखा था। दोपहर लगभग 12:30 बजे फोरेंसिक एक्सपर्ट के आने के बाद कार्रवाई शुरू हो पाई।

फैक्ट्री मालिक पर भड़के : बुधवार शाम को परिजनों को अस्थियां मिलने के बाद उन्होंने अपने गांवों की ओर रवाना होने की तैयारी कर ली थी।