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विश्‍व सुुंदरी मानुषी के कहने पर हरियाणा सरकार का नया प्रयोग

महिलाओं के लिए सस्ते सेनेटरी नेपकिन बनने वाले पैडमैन की तर्ज पर हरियाणा की महिलाएं काम करती दिखाई देंगी। महिलाओं के लिए सस्ते नेपकिन बनाने की जिम्मेदारी स्वयं सहायता ग्रुपों को सौंपने की तैयारी है। दो-दो ब्लॉक में चार महिलाओं के ग्रुप बनाकर सेनेटरी नेपकिन बनाने की इकाइयां स्थापित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। यह कदम हाल ही में विश्‍व सुंदरी बनीं मानुषी छिल्‍लर के आग्रह पर उठाया है।

पिछले दिनों विश्व सुंदरी मानुषी छिल्लर के आग्रह पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पिछले दिनों स्कूली लड़कियों व गरीब महिलाओं को सरकार की तरफ से मुफ्त नेपकिन देने की घोषणा की थी। बाजार में चूंकि यह नेपकिन काफी महंगे होते हैैं, इसलिए सस्ते नेपकिन बनाने की योजना तैयार की गई। इसके बाद सरकार ने स्वयं सहायता समूहों को नेपकिन बनाने के काम से जोड़ने की मुहिम शुरू की है, ताकि उन्हें रोजगार भी मिल सके।

प्रदेश सरकार की योजना ब्लॉक स्तर पर ही सेनेटरी नेपकिन बनवाने की है। इसके लिए स्वयं सहायता ग्रुपों को निजी कंपनियों के सहयोग से दस-दस लाख रुपये तक की मशीनें अनुदान पर दिलाई जाएंगी। यह मशीनें प्रतिदिन 15 हजार पैड तक बनाने में सक्षम होंगी। प्रदेश में करीब 20 लाख महिलाओं और किशोरियों के लिए हर महीने 80 लाख सेनेटरी नेपकिन की जरूरत होती है। ऐसे में पूरे प्रदेश में 40 ऐसी इकाइयों की आवश्यकता होगी जो हर दो ब्लॉकों में एक इकाई के रूप में काम करे