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नहीं बनी सहमति, कुंटिया की हड़ताल जारी

 कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) की हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। फिर कुंटिया के सैकड़ों कर्मचारी प्रशासनिक ब्लाक के सामने वाले ग्राउंड में एकत्रित हुए और आंदोलन को पुरजोर ढंग से आगे बढ़ाया। विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ हुई कई दौरों की बातचीत के बाद भी हड़ताल का कोई संतोषजनक हल नहीं निकल पाया। प्रशासन कर्मचारियों को बार-बार काम पर लौटने की बात कह रहा है, जबकि कर्मचारी मांगों को पूरा करने को लेकर अड़े हैं।

कुंटिया प्रधान राम कुमार गुर्जर ने कुंटिया की अनिश्चितकालीन हड़ताल को जारी रखते हुए कहा जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण समस्याओं एवं मांगों का कोई हल नहीं निकालता तब तक कुंटिया की हड़ताल जारी रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन को लगभग तीन महीने का समय दिया गया था, लेकिन लगता है कि प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है और हड़ताल को समाप्त करने के लिए समस्याओं के सही समाधान निकालने के बजाए अन्य विकल्प खोज रहा है। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति विश्वविद्यालय प्रशासन के नकारात्मक रवैये की कड़े शब्दों में ¨नदा की। कुंटिया नेतृत्व ने शाम को प्रशासन की तरफ से आए समस्याओं के समाधान के लिए सुझावों को सिरे से नकार दिया और हड़ताल को जारी रखने का निर्णय लिया। कुंटिया महासचिव नीलकंठ शर्मा ने कहा कि हड़ताल को विफल करने की प्रशासन की हर चाल का माकूल जवाब दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन को आह्वान किया कि अभी भी समय है प्रशासन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण समस्याओं एवं मांगों को लेकर सकारात्मक कदम उठाए अन्यथा यह हड़ताल खत्म होने वाले नहीं है। इस मौके पर कुंटिया के सेवानिवृत्त पूर्व प्रधान डॉ. बाबूराम गुप्ता, पूर्व प्रधान सुनील कक्कड़, पूर्व महासाचिव भारत भूषण, राम करण शर्मा, राम फल, विष्णु नाथ, कृष्ण पाण्डे, संत कुमार, मनीष बालदा, राजकुमार ढींगड़ा, विजय गौड, डॉ. जीत¨सह शेर, रामेश्वर सैनी, जगदीश खनौदा, र¨वद्र तोमर, अशोक राणा, अनिल लोहट उपस्थित रहे।