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हरकत में प्रशासन, स्पेशल मैटेरियल से भरे जा रहे सड़कों के गड्ढे

करनाल सेक्टर-12 की मुख्य सड़क की मरम्मत का कार्य शुरू हो चुका है। ठंड की वजह अभी सही तरह से मरम्मत संभव नहीं है। इसका तोड़ प्रशासन ने यह निकला कि अब रेडिमेड मैटेरियल से हाई रिस्क गड्ढों को भरा जा रहा है। 15 फरवरी के बाद मौसम में परिवर्तन के बाद स्पेशल रिपेयर की जाएगी। इन गड्ढों की वजह से शहरवासियों को बहुत परेशानी आ रही थी।से शहर के लोगों ने संपर्क किया, इसके बाद विशेषज्ञों के साथ मिल कर जागरण ने न सिर्फ खराब रोड का सर्वे किया, बल्कि यह भी बताया कि 34 हाई रिस्क गड्ढे हैं। जहां वाहन चालकों की जान को हर वक्त खतरा बना रहता है। इस खबर के बाद प्रशासन नींद से जागा। आनन फानन में रिपेयर का काम शुरू किया। तय किया कि फौरी राहत के लिए रेडिमेड मैटेरियल से खतरनाक गड्ढे भरे जाएंगे। यह काम मंगलवार से शुरू हो गया।नगर निगम के चीफ इंजीनियर अनिल मेहता ने बताया कि सड़कों पर बिखरी बजरी को हटाने के लिए 9 कर्मचारी तैनात किए गए। इनकी ड्यूटी है, सड़क से बजरी हटाए। उन्होंने बताया कि इसके अलावा कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जब भी सड़कों की सफाई करने जाए, बजरी को अवश्य हटाए। हालांकि सड़क तेजी से टूट रही है, इसलिए बजरी जितनी तेजी से सफाई हो रही है, सड़क पर बजरी भी उतनी तेजी से फैल रही है।

स्पेशल मैटेरियल इसलिए, ताकि सर्दी में काम चल सके

निगम ने शैलमैक कंपनी से पै¨कग मैटिरियल मंगवाया है। इसकी खासियत यह है कि कम तापमान भी सड़क पर पकड़ बना लेता है। इसे तैयार करना नहीं पड़ता, पै¨कग खोलों और यूज कर सकते हैं। मैटेरियल सामान्य तरीके से की जाने वाली रिपेयर से दो गुणा महंगा पड़ता है। यह जहां एक बार चिपक गया, वहां से सड़क टूटती नहीं है। महंगा होने की वजह से स्पेशल मौके पर इस्तेमाल किया जाता है।

तारकोल क्योंकि न्यूनतम 15 डिग्री से उपर तापमान में ही असरकार है

अभी क्योंकि न्यूनतम तापमान ही 2.6 डिग्री पर है। तारकोल के अंदर जो ऑयल कंटेंट है वह पकड़ नहीं बना पाता। सामान्यता यह माना जाता है कि 15 फरवरी के बाद न्यूनतम तापमान 15 डिग्री से उपर हो जाता है। यहीं वजह है कि रोड रिपयेर के लिए यहीं डेट लाइन निश्चित की गई है।

स्पेशल रिपेयर का एस्टीमेट तैयार, चार करोड़ होगा खर्च

सेक्टर-12 की मेन रोड व सेक्टर-13 और सेक्टर-13 एक्सटेंशन रोड को स्पेशल रिपेयर किया जाएगा। नगर निगम की ओर से इन दोनों सड़कों की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा नगर निगम शहर के अंदर की सड़कों की भी हालत सुधारने की प्ला¨नग कर रहा है। सभी सड़कों की मरम्मत पर कुल 4 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें इन दोनों सेक्टरों के अलावा शहर के दूसरे एरिया की सड़कों की मरम्मत करने का कार्य शामिल है।

जागरण सरोकार: क्योंकि हम चाहते हैं अपने शहर का हर व्यक्ति स्वस्थ और सुरक्षित रहे।

शहर की खराब सड़कों से हादसे बढ़ रहे थे। प्रशासन को इसकी ¨चता ही नहीं थी। आलम यह है कि प्रशासन के सीनियर अधिकारी खराब सड़कों को छोड़ दूसरे रास्तों से घर आ जा रहे थे। लेकिन आम आदमी का क्या? उन्हें इसकी ¨चता ही नहीं थी। आम आदमी की तकलीफ को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए दैनिक जागरण की पूरी टीम तीन सिविल इंजीनियर विशेषज्ञ और एक मैकेनिकल जो कि रोड सेफ्टी के जानकार है को शामिल कर यह अभियान चलाया। प्रशासन तक बात पहुंची, तो न सिर्फ रोड का स्पेशल एस्टिमेट तैयार हुआ, बल्कि सुबह ही स्पेशल मैटिरियल मंगाने की तैयारी हो गई थी। मंगलवार को ही मैटिरियल पहुंचा और काम भी शुरू हो गया। अभी सभी रोड रिपेयर नहीं हुए, जागरण जब तक इन सभी सड़कों को लेकर लगातार काम करता रहेगा जब तक कि रोड यातायात के लिहाज से सही नहीं हो जाते।