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गिट्टी लोडिंग योजना के खिलाफ पूरी तरह बंद रहा सतनाली बाजार

सतनाली : सतनाली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर गिट्टी लो¨डग योजना को तुरंत प्रभाव से रद करने की मांग को लेकर कस्बा सहित खंड के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों ने सोमवार सुबह से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। सैकड़ों की संख्या में लोग रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। आखिरकार क्षेत्रवासियों की एकजुटता व विरोध के चलते कुछ ही घंटे बाद रेलवे ने हथियार डाल ही दिए और सतनाली रेलवे स्टेशन के 2 नंबर प्लेटफार्म पर गिट्टी लो¨डग योजना को तुरंत प्रभाव से रद कर दिया।

रेलवे प्रशासन द्वारा स्टेशन के दो नंबर प्लेटफार्म पर गिट्टी लो¨डग योजना के कार्य के लिए संबंधित ठेकेदार द्वारा स्टेशन पर सीट, क्यू शैल्टर हटाने व तोड़ी हुई दीवार सहित अन्य कार्यों को जल्द से जल्द से पुनर्निर्माण करवाने का आश्वासन भी दिया गया। वहीं योजना के विरोधस्वरूप कस्बे के बाजार आज पूर्ण रूप से बंद रहे तथा लोगों को रोजमर्रा की चीजों के लिए भटकना पड़ा। मामले में सतनाली क्षेत्रवासी एकजुटता से खड़े नजर आए।

गौरतलब है कि शनिवार को सतनाली सरपंच उदय ¨सह शेखावत के नेतृत्व में क्षेत्र के अनेक गांवों के सरपंच, पंचायत प्रतिनिधियों सहित क्षेत्रवासियों ने स्टेशन पर किए जाने वाले गिट्टी लो¨डग योजना को रद करने की मांग को लेकर स्टेशन मास्टर को ज्ञापन दिया था। उनका कहना था कि गिट्टी लो¨डग के कार्य से होने वाले प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य एवं खेती पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। साथ ही उन्होंने स्टेशन पर सुविधाओं की भी मांग की थी। ऐसा नहीं किए जाने पर सोमवार से धरने की चेतावनी दी गई थी। आज सोमवार सुबह से ही कस्बावासियों ने अपनी दुकानों बंद कर रेलवे स्टेशन के बाहर एकत्रित होने शुरू कर दिया। लगभग 10 बजे तक बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने स्टेशन के बाहर धरना शुरू कर दिया।

सरपंच प्रतिनिधि उदय ¨सह शेखावत ने कहा कि सतनाली स्टेशन से बिल्कुल सटकर स्कूल व दो खेल मैदान हैं जहां कस्बे के खिलाड़ी नियमित रूप से अभ्यास करते हैं। यहीं पर कुछ ही दिन पूर्व राज्य स्तरीय खेल आयोजित किए गए थे। इसके अलावा कस्बे के अनेक शिक्षण संस्थानों के अलावा मुख्य बाजार व कॉलोनी भी बिल्कुल स्टेशन से सटी हुई है। अगर यहां गिट्टी लो¨डग का काम होता है तो इससे भारी मात्रा में पर्यावरण प्रदूषित होगा और लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्य के लिए सतनाली जैसे घनी आबादी में बने स्टेशन का चुनाव सर्वथा अनुचित है