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सुलझने की राह पर दो राज्यों का सबसे बड़ा जमीन विवाद

सोनीपत: यमुना खादर में जमीन पर मालिकाना हक को लेकर चले आ रहे दो राज्यों के सबसे बड़े विवाद को सुलझने की राह अब निकलती नजर आ रही है। जमीन पर मालिकाना हक को लेकर दोनों ओर के किसानों के बीच आए दिन होने वाले विवाद को सुलझाने की पहल हरियाणा के सोनीपत व उत्तर प्रदेश के बागपत जिला के प्रशासनिक अधिकारियों ने की है।

दोनों जिला के अधिकारियों की हाल में सोनीपत में बैठक हुई थी, जिसमें कई सकारात्मक बातें निकलकर सामने आई है। बैठक में तय हुआ है कि बागपत प्रशासन सर्वे विभाग की रिपोर्ट सोनीपत प्रशासन को सौंपेगा, जिसे सोनीपत के रिकार्ड में भी दर्ज किया जाएगा। इसके बाद अधिकारी निरीक्षण कर दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच का विवाद सुलझाएंगे, और रिकार्ड दुरुस्त कर संबंधित किसानों को उनका मालिकाना हक दिलाया जाएगा।

दशकों से चले आ रहे विवाद का एक कारण यमुना का बहाव भी है जो जमीन को काट देता है। बाद में पानी उतरने पर दोनों ओर के किसान जमीन पर अपना-अपना दावा करना शुरू कर देते है। ऐसे में विवाद दर्जनों बार खूनी संघर्ष का रूप ले चुके हैं। वहीं, दोनों ही ओर के किसान एक दूसरे पर मारपीट व फाय¨रग का आरोप भी लगाते रहे हैं। मामला इस कदर गंभीर हैं कि फसल की बुआई कोई करता है, फसल को काटता कोई और है। यमुना के आसपास बसे गांवों की लोगों की माने तो फसल काटने को लेकर कई बार फाय¨रग भी हो चुकी है। उस पार के लोग हथियारों के बल पर भी फसल काट ले जाते हैं।

यमुना के साथ लगती जमीन पर अकेले सोनीपत में ही नहीं बल्कि प्रदेश के यमुनानगर से लेकर फरीदाबाद तक दोनों ओर के किसानों में विवाद है। पिछले कुछ समय से दोनों ही ओर से मामले को सुलझाने की पहल हो रही है। इस पहल के सिरे चढ़ने की उम्मीद में दोनों ओर के किसान कर रहे हैं