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इंदिरा कॉलोनी की बजाए खटीक मंडी निगम ने खड़ी कर दी धर्मशाला

अंबाला : डी प्लान की 11.62 लाख की ग्रांट से छावनी की इंदिरा कॉलोनी में बनाई जा रहीं धर्मशाला की जगह को लेकर एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है। नगर निगम ने धर्मशाला का टेंडर इंदिरा कॉलोनी में धर्मशाला के नाम से लगाकर ठेकेदार को अलॉट कर दिया है तो वहीं जहां पर यह धर्मशाला बनाई गई है वह खटीक मंडी की जगह है। निगम के डिप्टी मेयर सुधीर जायसवाल ने इस मामले की शिकायत निगम आयुक्त से भी की है।

खटीक मंडी की जिस जगह पर यह धर्मशाला बनाई गई है उससे 500 मीटर की दूरी पर इंदिरा कॉलोनी है। ऐसे में नगर निगम के अधिकारियों ने किस आधार पर इसका टेंडर तैयार किया है यह उनकी कार्यशैली को सवालों के घेरे में खड़ा रहता है। इस धर्मशाला का निर्माण कार्य अभी तक पूरा भी नहीं हो पाया है और नगर निगम की ओर से 3.96 लाख की र¨नग पेमेंट ठेकेदार को जारी की जा चुकी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि निगम ठेकेदार को दूसरा र¨नग बिल कितने का जारी होगा क्योंकि निगम के अधिकारी ग्रांट खत्म होने की बात कह चुके हैं और 15 लाख रुपये की ओर मांग की जा रही है। अभी तक निगम के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि यह धर्मशाला किस समाज के लिए बनाई जा रही है। इसीलिए यह मामला निगम के अधिकारियों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। डिप्टी मेयर सुधीर जायसवाल ने कहा कि निगम के अधिकारी आंखे बंद करके काम कर रहे हैं। न जमीन को देखा जा रहा है और न ही ठेकेदार के काम को चेक किया जा रहा है। इसीलिए नेताओं और ठेकेदार को खुश करने में अधिकारी लगे हुए हैं।

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संयुक्त आयुक्त से बोले लोग

इसी धर्मशाला को लेकर खटीक मंडी के लोग नगर निगम कार्यालय में संयुक्त आयुक्त से मिलने के लिए पहुंचे। लेकिन संयुक्त आयुक्त के चैंबर में इसी बात को लेकर हंगामा हो गया। मंडी निवासी अशीष पासी ने जब संयुक्त आयुक्त की तरफ उंगली करके अपनी रखनी चाही तो संयुक्त आयुक्त गगनदीप ¨सह भड़क गए। संयुक्त आयुक्त ने कहा है कि उंगली को नीचे करके बात करो। इसी बात को लेकर मामला तू-तू, मैं-मैं पर उतर आया। लेकिन बीच बचाव के बाद मामला शांत हुआ है और संयुक्त आयुक्त के सामने लोगों ने मांग रखी कि धर्मशाला का रास्ता दोनों तरफ रखा जाएं। इससे लोगों को फायदा होगा। यह बात सुनने के बाद संयुक्त आयुक्त ने एमई को आदेश दिए कि वह इसका रास्ता दोनों तरफ बनवा दें। इस संबंध में लोगों ने एक शिकायत पत्र भी उन्हें सौंपा।