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सोनीपत से नामुंडा बसने आए थे दो खानदान, इंतकाम की आग में मौत

समालखा: सोनीपत के खानपुर कलां गांव से 20 साल पहले धर्मेद्र और 54 साल पहले जगदीश का भठगांव से परिवार आर नामुंडा गांव में बस गया था, ताकि दोनों परिवारों को जीवन खुशहाल हो जाए। अब इन्हीं दोनों की इंतकाम की आग में धर्मेद्र और जगदीश मारे जा चुके हैं। इनके परिवार खौफ के साये में जीने पर मजबूर हो गए हैं।

परिवारों के लिए आजीविका का भी संकट बन गया है। धर्मेद्र की मौत के बाद परिवार में उसका इकलौता बेटा आरव, पिता व मां हैं। पत्नी से तलाक हो चुका है। वहीं अविवाहित बड़ा भाई राजेंद्र हत्या के आरोप में सलाखों के पीछे जाएगा। इसी तरह से जगदीश की हत्या के बाद उसके बेटे, तीन भाई व भतीजों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज होने के कारण उन्हें भी जेल जाना पड़ सकता है। गांव में फिर से खूनी संघर्ष न हो जाए इसलिए धर्मेद्र की शोक सभा उसके मामा के गांव गवालड़ा में की जाएगी। परिजन गांव से जा चुके हैं। दोनों पक्षों के 21 लोगों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। धर्मेद्र के भाई राजेंद्र और जगदीश के बेटे नरेंद्र व भतीजे अनूप को समालखा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने राजेंद्र के घर से बंदूक व कारतूस बरामद किए हैं।

मंगलवार को सामान्य अस्पताल में दोनों पक्षों में विवाद न हो जाए इसलिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। धर्मेद्र व जगदीश के शवों का पहले एक्सरे कराया गया। इसके बाद डॉ. अजय कपूर और डॉ. पवन के बोर्ड ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम किया। दोनों की मौत खोपड़ी टूटने की वजह से हुई। धर्मेद्र का जबड़ा व खोपड़ी धारदार हथियार से कटी हुई थी। सिर में चोट के करीब छह और शरीर पर भी कई निशान थे। इसी तरह से जगदीश के सिर में गोली के आठ से दस छर्रे थे।