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जेल में बंदी अब कर पाएंगे हर प्रकार के कोर्स : संजय

कुरुक्षेत्र : जेल अधीक्षक डॉ. संजय ¨सह ने कहा कि जेल में बंदियों को अब हर प्रकार के कोर्स कराए जाएंगे। इन कोर्सों के तहत कोई भी बंदी पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक के कोर्स को करने में सक्षम होगा। इसके लिए इग्नू के साथ समझौता हुआ है। इसके लिए नियमित रुप से जेल में कक्षाएं लगाई जाएंगी। अहम पहलू यह है कि अनपढ़ बंदियों को शिक्षित करने का प्रयास किया जाएगा।

वे सोमवार को जिला कारागार के कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बंदियों को शिक्षित करने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके लिए जहां सभी कक्षाओं की कक्षाए लगाई जाएंगी, वहीं कंप्यूटर कोर्स व अन्य प्रकार के व्यवहारिक कोर्स भी कराएं जाएंगे। खादी भंडार संस्थान से बातचीत कर बंदियों को कुशल बनाया जाएगा और उनको व्यस्त रखने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। इतना ही नहीं जेल में लगभग 25 महिला बंदियों को ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई के कोर्स कराए जाएंगे। जो महिलाएं अनपढ़ है उन्हें शिक्षित करने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन का प्रयाय है कि जो व्यक्ति अपराध करके जेल में आया है, उस व्यक्ति को पढ़ा-लिखाकर सभ्य बनाया जाए, ताकि जेल से रिहा होने के बाद एक अच्छे नागरिक की तरह समाज में अपना सामाजिक दायित्व निभा सके। सभी बंदियों को व्यस्त रखने के लिए बंदियों की रुचि अनुसार व्यवहारिक कोर्स करने का प्रयास किया जाएगा। इस समय जेल में 700 बंदियों के लिए हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में हर तीसरा बंदी नशे के जुर्म में जेल में बंद है और उस बंदी की उम्र भी बहुत कम पाई गई हैं। जेल प्रशासन का प्रयास है कि ऐसे बंदियों की कांउसि¨लग कराई जाए और उन्हें मानसिक रुप से तैयार करके नशे से छुटकारा दिलाया जाए।

जेल अधीक्षक ने एक प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि जेल में बंदियों को नगद राशि रखने की इजाजत नहीं दी जाती है, सभी बंदियों के खाते खुले हुए हैं और कार्ड के जरिए ही बंदी जेल की कैंटीन से सामान खरीदते हैं और यहां से जाने के बाद बंदी को चेक के माध्यम से शेष राशि का भुगतान कर दिया जाता हैं या फिर जेल शिफ्ट होने पर संबंधित जेल में राशि आनलाइन सिस्टम के माध्यम से भेज दी जाती हैं। एक अन्य प्रश्न का जवाब देते हुए जेल अधीक्षक ने कहा कि इस समय डेरा सच्चा सौदा से संबंधित लगभग 80 लोग जेल में बंद हैं और सभी अनुशासन में रहकर कार्य कर रहे हैं। जेल में निरंतर मेडिकल चैकअप के शिविर लगाए जाएंगे और सभी बंदियों के स्वास्थ्य को चेक किया जाएगा।