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आचार्य दक्षता वर्ग में आचार्यों को किया प्रशिक्षित

 कुरुक्षेत्र स्थानीय गीता निकेतन आवासीय विद्यालय में शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए एक दिवसीय आचार्य दक्षता वर्ग का आयोजन किया गया। इस दक्षता वर्ग का उद्देश्य सभी आचार्यों को विद्या भारती में प्रचलित शिक्षण पद्धति से परिचित कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य नारायण ¨सह ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। सरस्वती वंदना के पश्चात सामूहिक गीत का अभ्यास किया। गीत अभ्यास के पश्चात आचार्य संजीव कुमार ने विद्या भारती की शिक्षण पद्धति के विषय पर अपना व्याख्यान दिया। वर्ग के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में विद्या भारती हरियाणा के माननीय सह संगठन मंत्री रवि कुमार ने उपस्थित रहकर सभी आचार्यों का मार्गदर्शन किया। अपने वक्तव्य में रवि कुमार ने कहा कि हम सभी शिक्षक हमेशा विद्यार्थियों को सिखाते रहते हैं कभी हमको भी सीखना चाहिए, प्रत्येक शिक्षक को प्रतिदिन आत्म मंथन करना चाहिए। वक्तव्य में उन्होंने पांच आधारभूत विषयों से विद्यार्थियों के पंचकोषीय विकास का विस्तार से वर्णन किया। आधारभूत विषयों में शारीरिक शिक्षा, योग, संगीत, संस्कृत एवं नैतिक शिक्षा सम्मिलित है। ये पांच आधारभूत विषय हमारे जीवन का आधार हैं इन्हीं विषयों के ज्ञान से हम पंचकोषीय विकास प्राप्त करते हैं।

बौद्धिक सत्र के उपरान्त योगकक्षा का एक आयोजन किया गया। विद्यालय के संस्कृत आचार्य अमित धीमान ने सूक्ष्म व्यायाम के साथ-साथ आसन और प्राणायाम करवाया तथा उन्होंने बताया कि योग से ही हमारी अंतर चेतना जागृत होती है। विद्यार्थियों एवं आचार्यों के लिए प्रतिदिन योगाभ्यास अति आवश्यक है। योगसत्र के पश्चात विद्यालय के शारीरिक आचार्यों ने सभी आचार्यों को अनेक मनोरंजनात्मक खेल सिखाए। खेल से न केवल शारीरिक विकास होता है अपितु इससे छात्रों की अभिरूचि भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में बढ़ती है, पढ़ाई में मन लगता है, सहयोग की भावना उत्पन्न होती है। चतुर्थ सत्र में सभी आचार्यों को 14 गणों में विभक्त कर प्रत्येक गण को कल्पना के लिए एक-एक विषय दिया गया। इन विषयों में प्रमुख रूप से 2020 का भारत, आज के विद्यार्थी कल के भविष्य निर्माता, 10 वर्षों के बाद पृथ्वी इत्यादि विषय सम्मिलित थे। विद्यालय के प्रशिक्षण प्रमुख बलबीर ¨सह ने सभी महानुभावों के प्रति आभार व्यक्त किया।