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चार माह में बिजली लाइनों के मेंटीनेंस पर करीब डेढ़ करोड़ खर्च करेगा निगम

जींद : लाइन लॉस और ओवरलोड की समस्या से निपटने के लिए निगम जिलेभर में पुराने और जर्जर बिजली के तारों को बदलेगा और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत की जाएगी। गर्मी का सीजन शुरू होने से पहले यानी मार्च तक इस काम को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस काम पर निगम हर माह 36 लाख रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है। बिजली लाइनों के मेंटीनेंस का काम दिसंबर से चल रहा है और मार्च तक चलेगा। इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे।

गर्मी में बिजली की डिमांड बढ़ जाती है, जिससे ओवरलोड होने पर तार टूट जाते हैं। गर्मी में ओवरलोड की समस्या से निपटने के लिए निगम ने सर्दी से ही इस पर काम करना शुरू कर दिया है, क्योंकि सर्दी में बिजली की डिमांड कम रहती है और दिन में लाइनों पर काम करते समय बिजली बंद करने से उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशानी भी नहीं होती है। अब तक निगम ने 12 फीडरों पर मेंटीनेंस का काम लगभग पूरा कर दिया है, जबकि 12 और नए फीडरों को मेंटीनेंस के लिए चुना गया है, जिन पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।

निगम ने शुरुआत में मेंटीनेंस के लिए उन्हीं फीडरों को चुना गया है, जहां से निगम को अच्छा रेवेन्यू मिल रहा है। उनमें नगूरां, गढ़ी, सफीदों आदि फीडर शामिल हैं। इन फीडरों पर जर्जर तार बदलने, कम क्षमता वाले तारों की जगह मोटा तार लगाने, सैग टाइट करने (एक पोल से दूसरे पोल तक बिजली के तार टाइट करना), ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने व एलटी फ्यूज बोर्ड लगाना आदि काम शामिल हैं, जिन पर काम किया जा रहा है।

पेड़ों की काटी डालियां

इस दौरान बिजली लाइनों को छूने वाली पेड़ की डालियों को काटा जाएगा। सड़क किनारे और खेत से गुजरने वाली लाइनों को पेड़ों की डालियां छूती हैं। शहर में भी कई जगह बिजली लाइन से पेड़ों की डालियां सटी हुई हैं। निगम पेड़ों की डालियां भी कटवाएगा।

गर्मी के सीजन को देखते हुए बिजली निगम लाइनों पर मेंटीनेंस का काम करा रहा है। मेंटीनेंस पर हर महीने लगभग 36 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं और यह काम मार्च तक चलेगा। बिजली लाइनों के दुरुस्त होने और ट्रांसफार्मर के मेंटीनेंस होने से गर्मीं में काफी हद तक ओवरलोड की समस्या से निजात मिलेगी और निर्बाध बिजली सप्लाई होगी।