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करनाल में साथी कर्मचारियों के साथ हुए व्यवहार से क्षुब्ध दिखें

 झज्जर :अपनी मांगों को लेकर करनाल में प्रदर्शन कर रहे कंप्यूटर प्रोफेशनल के साथ किए गए व्यवहार से उनके साथी खासे नाराज है। कर्मचारियों की इस नाराजगी का असर सोमवार को जिला मुख्यालय पर भी दिखाई दिया। प्राय: पब्लिक डी¨लग की सीटों पर तैनात इन प्रोफेशनलस ने दिन भर अपने काम से हड़ताल रखी और लघु सचिवालय के समक्ष ही विरोध जताते हुए नारेबाजी भी की। विरोध जता रहे इन प्रोफेशनल का कहना था कि जब तक भाजपा की सरकार सत्ता में नहीं आई थी तो उनका एकमात्र कथन था कि जो भी कर्मचारी किसी भी रूप में कच्चे हैं, उन्हें सरकार आने के बाद पक्का कर दिया जाएगा। लेकिन अब हालात ऐसे हो गए है कि पक्का करना तो दूर। अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने वाले कर्मचारियों पर लाठी भांजी जा रही है। सर्दी के मौसम में ठंडे पानी की बौछार मारते हुए उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। प्रदेश भर में काम छोड़कर हड़ताल पर रहे इन प्रोफेशनल की सीटों से गैर मौजूदगी के कारण लोगों को अच्छी खासी परेशानी भी उठानी पड़ी। चूंकि हड़ताल को लेकर पहले कोई सूचना नहीं थी। इसलिए लोगों को दिक्कत भी हुई। उधर, इन प्रोफेशनल का कहना था कि वह जानबूझकर किसी को तंग नहीं करना चाहते। लेकिन जिस प्रकार का व्यवहार उनके साथ करनाल में हुआ है। वह अलोकतांत्रित व्यवहार है। यहां पर उन्होंने मुख्य रूप से मांग करते हुए कहा गिरफ्तार किए गए प्रोफेशनल को अतिशीघ्र रिहा किया जाए। इसके अलावा जब तक पक्का होने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। तक तक सामान काम और सामान वेतन दिया जाए।

एडीसी को सौंपा ज्ञापन

जिला भर में अपनी एकता का परिचय देते हुए कंप्यूटर प्रोफेशनल ने सरकार के व्यवहार को लेकर कड़े शब्दों में ¨नदा की। दिन भर हड़ताल पर रहने के बाद उन्होंने जिला प्रधान संदीप राठी की अगुवाई में अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवान को मुख्यमंत्री के नाम पर प्रेषित एक ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि लाठी चार्ज करते हुए तानाशाही रवैया अपनाया गया है।

दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को पब्लिक डी¨लग से जुड़ी सीटों पर अपने काम करवाने के लिए जब लोगों ने पहुंचना शुरू किया तो उन्हें निराशा हाथ लगी। एकबारगी उन्हें ऐसा भी लगा कि शायद उनके काम हो जाएंगे। लेकिन अपनी मांगों को लेकर एकजुट दिखें कंप्यूटर प्रोफेशनलस ने आज काम का पूर्ण रूप से बॉयकॉट ही रखा। जिसका असर यह हुआ कि लघु सचिवालय में

प्राय: सीटों पर जहां पब्लिक डी¨लग से जुड़े हुए कार्य होते हैं। वहां पर लोगों को परेशानी ही हुई।

इधर, धरने पर बैठे कर्मचारियो को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि ने कहा कि सरकार सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण करके निजी हाथों में सौपने पर आमादा है। सरकार कर्मचारियो की समस्या हल करने की बजाय उनकी एकता तोड़ने की नापाक कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी एकजुटता के साथ संघर्ष करते हुए इस लड़ाई को जीतेंगे। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार कंप्यूटर कर्मचारी संघ के शिष्टमंडल से द्विपक्षीय वार्ता करके समस्याओं का निदान करें व इनके खिलाफ दर्ज किए गए मामलों को वापिस लें। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो आने वाले समय में आंदोलन की व्यापक स्तर पर रूपरेखा तैयार की जाएगी।