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साढ़े तीन करोड़ की ग्रांट के इंतजार में ट्विन सिटी के जनता

 अंबाला : ट्विन सिटी में शौचालय निर्माण की साढ़े तीन करोड़ की ग्रांट लटकी पड़ी है। बीते चार माह से पैसा न आने के चलते आवेदनकर्ता नगर निगम कार्यालय के चक्कर काट रही है। नगर निगम सदर जोन में पहुंची एक महिला तो फूट-फूट कर रोने लग गई। महिला ने बताया कि शौचालय बनवाने के लिए उसने आठ बार आवेदन फार्म जमा कराया था। निगम के कर्मचारी भी उसके घर पर सर्वे के लिए आते रहे हैं बावजूद इसके ग्रांट नहीं मिल पाई है। सोमवार को जब महिला ने अपने बीमार पति से निगम कार्यालय में आकर पूछा तो उन्हें बोल दिया गया यह स्कीम बंद हो गई है। इसे सुनते ही महिला विमला फूट-फूट कर रोने लग गई। महिला ने आरोप लगाया है कि उसके फार्म को निगम कर्मियों ने दबा रखा है। इसीलिए उसे शौचालय बनवाने के लिए पैसा नहीं मिला है।

छावनी के वार्ड नंबर 15 में नन्हेड़ा के लाइन वाले मोहल्ला निवासी विमला ने बताया कि उनके घर में शौचालय नहीं है। करीब एक साल पहले उसके पति को अदरंग का अटैक पड़ गया था। अब वह चल फिर नहीं सकते। इसीलिए शौचालय की ज्यादा जरूरत थी, लेकिन सरकार की शहरी क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत शौचालय निर्माण की योजना सुनने के बाद उसे उम्मीद जगी थी कि शौचालय बनने से उसको फायदा होगा। इसीलिए कॉलोनी में योजना के शुरुआत में पहले अपने नाम से आवेदन फार्म जमा कराया था। लेकिन नगर निगम कार्यालय से कहा गया कि महिला के नाम से पैसा नहीं आएगा। इसीलिए वह अपने पति के नाम से आवेदन करें। इसके बाद शौचालय निर्माण की ग्रांट लेने के लिए अपने पति के नाम से आवेदन कर दिया। करीब एक महीने के बाद जब उसका आवेदन सर्वे के बाद आगे नहीं सरका तो वह निगम कार्यालय में पहुंच गई। यहां आकर पूछा तो पता चला कि उनका नाम ही शौचालय बनवाने वाले की सूची में नहीं है। इसी तरह करीब 7 बार आवेदन कर्ता दीप चंद की पत्नी विमला के साथ होता रहा। फार्म भर भर के एक कर्मी को देती, लेकिन कर्मी उसके आवेदन फार्म को रद्दी की टोकरी में गिराता रहा। 8वीं महिला आवेदन के कुछ दिनों बाद ही निगम कार्यालय में पहुंची और विरोध जताया। विरोध को देखते हुए निगम कार्यालय से उसका नाम शौचालय बनवाने की सूची में डाला गया और 6 जुलाई 2017 को अंबाला शहर में भेज दिया गया है। अब बीते 6 माह से न तो कोई फार्म लिया जा रहा है और अंबाला छावनी से वार्ड 15 के 77 आवेदनकर्ताओं को शौचालय निर्माण के लिए पैसा नहीं मिल पाया है। इसी प्रकार शहर की जनता को भी शौचालय निर्माण के लिए पैसा नहीं मिल पा रहा है। नगर निगम अंबाला को साढ़े तीन करोड़ रुपये की ग्रांट का इंतजार है। वरिष्ठ सीनियर डिप्टी मेयर दुर्गा ¨सह अत्री ने कहा कि लोग भटक रहे हैं और निगम आयुक्त छुट्टी पर गए हुए हैं और संयुक्त आयुक्त से इस मामले में बात की जाएगी।