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केस दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं : हाईकोर्ट

 अंबाला : कोर्ट में तलाक के लिए अपने पति से चार लाख रुपये लेकर भी विवाहिता द्वारा तलाक नहीं देने का मामला अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंच गया है। तलाक नहीं मिलने पर विवाहिता के पति ने कोर्ट में याचिका दायर की थी और कोर्ट के आदेशों पर विवाहित समेत उसके अन्य परिजनों के खिलाफ शहर के महिला पुलिस थाना में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था।

लेकिन दर्ज मुकदम में डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने पीड़ित द्वारा की दायर याचिका पर हरियाणा पुलिस महानिदेशक, अंबाला एसपी समेत महिला व बराड़ा थाना प्रभारी को नोटिस जारी कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करने का जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।

जानकारी के मुताबिक संजीव और उसकी पत्नी संगीता का वर्ष 2011 से अंबाला शहर कोर्ट में तलाक के लिए केस चल रहा था। उसकी पत्नी ने तलाक लेने के लिए कोर्ट के माध्यम से आठ लाख रुपये की डिमांड की थी लेकिन कोर्ट के आदेशों पर चार लाख में समझौता हो गया था। न्यायधीश डा. अबदुल माजिद की कोर्ट के आदेशों पर संजीव ने तलाक के लिए अपनी पत्नी संगीता को 25 जुलाई 2016 को चार लाख रुपये दे दिए थे। लेकिन इसके संगीता कोर्ट में तलाक लेने से मुकर गई और कहा कि वह तलाक नहीं लेना चाहती। उसने जो चार लाख रुपये लिए है वह अपने बेटे तेजस का खर्च चलाने के लिए है। इसके बाद संजीव ने अपनी पत्नी व उसके अन्य परिजनों के खिलाफ महिला थाने में शिकायत दी और 23 मई को शहर महिला थाने में संगीता, उसकी मां गुरदेव कौर, भाई सुशील और संदीप कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया था।