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गुरुगो¨बद ¨सह जी ने संपूर्ण मानव जाति को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य किया : बाबा सुरेंद्र ¨सह

 डेरा गुरुद्वारा मंढोखरा साहिब में सिखों के दसवें गुरु गुरु गो¨बद ¨सह जी के 351वें प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में आज विशाल कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रखे गए गुरु ग्रंथ साहिब के पाठ का भोग डाला गया और रागी व ढाडी जत्थों द्वारा गुरु की महिमा का गुणगान किया गया। इस अवसर पर गुरु का लंगर जलेबी के साथ अटूट वरताया गया।

समापन अवसर पर बाबा सुरेंद्र ¨सह जी ने देश एवं विदेश से आई संगतों की खुशहाली के लिए गुरुग्रंथ साहिब के सामने अरदास कर उनकी खुशहाली की कामना की। बाबा सुरेंद्र ¨सह जी ने कहा कि गुरुगों¨बद ¨सह ने ¨हदू धर्म की रक्षा के लिए मुगल साम्राज्य की दमनकारी नीतियों से अपने दम पर लड़ने की चुनौती को स्वीकार कर मुगलों के छक्के छुड़ा दिए थे। गुरुगो¨बद ¨सह ने 1669 में बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना कर मानवता के इतिहास में नया इतिहास रचा था। उन्होंने कहा कि गुरुगो¨बद ¨सह जी ने संपूर्ण मानव जाति को एकता के सुत्र में पिरोने का कार्य किया था। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य हरभजन ¨सह मसाना, जत्थेदार गुरदीप ¨सह, हरप्रीत चीमा, गुरतेज ¨सह सेखों, परमजीत ¨सह दुनिया माजरा, अम¨रद्र ¨सह, हरपाल ¨सह, मुख्य ग्रंथी भू¨पद्र ¨सह, जसवंत ¨सह, बुटा ¨सह, शिवदयाल ¨सह, भगवंत ¨सह विर्क, गुरसेवक ¨सह, बलबीर ¨सह आदि सेवादारों को सिरोपे भेंट कर उनका सम्मान किया।