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सेमेस्टर की शुरुआत पर पता होगा किस होगा क्या लेक्चर : डॉ. प्रवीण भारद्वाज

करनाल : कॉलेज के नए शिक्षण सत्र की शुरुआत के साथ ही एक बेहतर प्रयोग होने जा रहा है। विद्यार्थियों को सत्र के शुरू में ही पता होगा कि किस दिन क्लास रूम में उन्हें क्या विषय पढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही ऑनलाइन एग्जामिनेशन फार्म की सुविधा देकर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय अच्छा कार्य करने जा रहा है। सरकार व विश्वविद्यालय मिलकर गुणात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए प्रयोग भी किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि इन प्रयोगों के नतीजे सकारात्मक रहेंगे। जागरण संवाददाता अश्विनी शर्मा ने पंडित चिरंजी लाल राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रवीण भारद्वाज से विशेष बातचीत की। पेश इसके मुख्य अंश-

2018 में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर क्या खास रहेगा?

नए सत्र शैक्षणिक सत्र के साथ ही एक नई शुरुआत भी होने जा रही है। सत्र के पहले दिन से ही प्राध्यापक व विद्यार्थी दोनों को पता होगा कि पूरे सत्र के दौरान किस दिन किस विषय का लेक्चर क्लास रूम मे होगा। इसका प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इससे यह लाभ होगा कि पहले से लेक्चर का विषय पता होने से विद्यार्थी उसकी तैयारी एडवांस में कर लेंगे। जब क्लास रूम में जाएंगे कि इससे उनकी तैयारी बेहतर होगी। यह प्रयोग निश्चित तौर पर विद्यार्थियों के अंकों में बढ़ोतरी करेगा।

परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया कब से ऑनलाइन होने जा रही है?

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया ऑनलाइन करने को हरी झंडी प्रदान कर दी है। इस सेमेस्टर की परीक्षा के फार्म ऑनलाइन ही भरे जाएंगे। इससे कॉलेज व विश्वविद्यालय का वर्क लोड कम होगा। विद्यार्थी यह फार्म घर में रहकर भी भर सकेंगे। यह फार्म भरने के बाद ऑनलाइन ही कॉलेज के पास आएगा और इसे जांचने के बाद विश्वविद्यालय को ऑनलाइन प्रेषित कर दिया जाएगा।

कॉलेज में नैक की टीम का निरीक्षण कब होगा?

कॉलेज के सर्वागीण विकास को लेकर सतत प्रयास बीते सालों में हुए हैं। अब कॉलेज नैक की टीम के निरीक्षण के लिए तैयार है। अप्रैल माह से पहले नैक की टीम को निरीक्षण के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

महाविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाने की दिशा में क्या प्रयास किए जा रहे हैं?

कॉलेज, टीचर व स्टूडेंट मिलकर एक पहचान कायम करते हैं। इसी सोच के साथ महाविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल स्थापित किया जा रहा है। कॉलेज में विद्यार्थी की प्रतिभा को निखारने के लिए भी एक प्रयोग किया गया है। इसके तहत प्रथम वर्ष के स्टूडेंट्स को 25-25 के ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप के साथ एक प्राध्यापक को जोड़ा गया है। इन प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों का वाट्सएप ग्रुप व ईमेल आइडी व कंप्यूटराइज्ड प्रोफाइल तैयार की है। प्राध्यापक अपने ग्रुप के विद्यार्थियों से लगातार रूबरू होते हैं। उनकी जिम्मेदारी है कि वह विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान कर उसे निखारने का काम करें।