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ड्रग्स और संगठित अपराधों से निपटने को फिर एसटीएफ बनाने की तैयारी

हरियाणाड्रग्स, मनी लॉन्ड्रिंग, गौ-तस्करी, मानव तस्करी और प्रदेश में काम कर रहे विभिन्न गिरोहों से निपटने के लिए प्रदेश में करीब 7 साल बाद फिर से एक स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) बनाने की तैयारी है। इसके लिए पुलिस विभाग की ओर से राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही यह टास्क फोर्स अस्तित्व में जाएगी। 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक यह एसटीएफ एडीजीपी (क्राइम) के नेतृत्व में काम करेगी। इसमें उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा से एक-एक एसपी और पुराने 4 डिवीजन में से भी 1-1 एसपी को शामिल किया जाएगा। इसके पास अपना स्टाफ, कार्यालय और पर्याप्त मात्रा में संसाधन होंगे। यह एसटीएफ संगठित अपराधों से निबटने के साथ लोकल पुलिस को भी क्राइम कंट्रोल करने में मदद करेगी।

राज्य के पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने बताया कि एसटीएफ बनाने की बड़ी वजह यह है कि स्थानीय पुलिस लॉ एंड ऑर्डर से संबंधित अन्य कई बड़ी जिम्मेदारियां होती हैं। उनके पास समयाभाव रहता है। फिर संगठित अपराधों की जांच में लगी टीमों को पकड़ने के लिए कई जिले और राज्य से बाहर भी आना-जाना पड़ता है।