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बढ़ी चोरी की घटनाएं, नहीं है तीसरी आंख का पहरा

 नारनौल : शहर में आए दिन चोरी या अपराधिक घटनाएं घटित हो रही हैं। शहर में तीसरी आंख का पहरा नहीं होने के कारण चोरी जैसी घटनाएं ट्रेस नहीं हो पाती हैं। नगर परिषद भी शहर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने की फाइल को दबा कर बैठी हुई है। यही कारण है कि नगर परिषद की बैठक में शहर के सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगाने की अनुमति मिल चुकी है। लेकिन शहर में कैमरे नहीं लगाए जा रहे हैं। इसके पीछे कारण क्या है, क्यों नहीं लगाए जा रहे हैं ये तो नगर परिषद के अधिकारी ही बता सकते हैं।

अगर बात शहर के रेलवे स्टेशन, महाबीर चौक, नागरिक अस्पताल के बाहर आदि स्थानों पर कैमरे नहीं है। ऐसे में अगर कोई घटना घटित हुई तो किसी प्रकार सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग पाएगा। यही कारण है कि लूट व छीनाछपटी जैसे मामले छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ट्रेस नहीं कर पाई है। शहर में सार्वजनिक स्थानों पर कैमरों से लैस करने की मांग कई बार उठ चुकी है। उठे भी क्यों न यहां पर होने वाली लूट, छीनाछपटी आदि की घटनाओं में पिछले एक वर्ष से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस विभाग से प्राप्त आंकड़ों की बात की जाए तो गत एक वर्ष में 20 से अधिक मामले छीनाछपटी व लूट के सामने आ चुके हैं। लेकिन एक भी मामले में पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज सामने नहीं आ पाई है। इसके साथ अगर बात की जाए तो शहर में चोरी की घटनाएं तो किसी से छुपी नहीं है। गत वर्ष में जिलाभर के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो करीब 50 दुकानों के ताले तोड़े जा चुके हैं, जिसमें करीब 25 दुकाने तो अकेले नारनौल शहर की है।

वहीं अगर तीन दुकानों की चोरी को छोड़ दिया जाए तो पुलिस ने आजतक किसी भी वाहन चोरी करने वाले किसी भी लूट व छीनाझपटी के आरोपी को काबू नहीं किया गया है। ऐसे में शहर की सुरक्षा में सेंध लगना काफी आसान है। वहीं अगर शहर के मुख्य बाजार की बात की जाए तो यहां पर किसी न किसी दुकान पर चोरों की नजर होती है