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हुडा की एडहाक कमेटी आपस में उलझने से नहीं हो रही सेक्टरों की सफाई

यमुनानगर: हुडा के तीन सेक्टरों में सड़कें टूटी, जगह-जगह गंदगी के ढेर, पशुओं की आवाजाही से हुडा जैसे पाश इलाके में गांव जैसे नजारे देखने को मिल रहे हैं। हुडा की यह हालत नगर निगम में जाने के बाद से हुई है। डेढ़ साल से हुडा बदहाली के दौर से गुजर रहा है। हुडा के खाली प्लाटों में कचरे फेंकें जा रहे हैं। सड़कों से बजरी उखड़ चुकी है। राहगीर इन सड़कों पर पैदल चलते हुए गिर पड़ते हैं। कुछ खाली प्लाटों में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। पॉश इलाके की सफाई के लिए 8 अप्रैल को एडहाक कमेटी जिला रजिस्ट्रार ने बनाई जो पहले 10 सदस्यों की थी। अब 20 सदस्यों की हो गई। इसके बावजूद सेक्टर 17 से कूड़ा उठान नहीं हो रहा है। गार्वेज सेंटर, बाजारों, सड़कों आदि जगहों पर गंदगी बिखरी पड़ी है।

हुडा सेक्टर 17 निवासी राम, विरेंदर, नीलम सोबती, रूपेश कुमार ने बताया कि पहले सेक्टर में हुडा रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन काम कर रही थी। जब एसोसिएशन का तयशुदा कार्यकाल खत्म हो गया तो एसोसिएशन भंग कर चुनाव कराने के बजाय एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सोर्स, सिफारिश और अपनी पहुंच के बल पर अपना कार्यकाल पांच वर्ष के लिए बढ़वा लिया। जब इस बात का सेक्टर निवासियों ने विरोध किया तो 8 अप्रैल को सेक्टर के कुछ लोगों ने 90 दिन के अंदर चुनाव कराने के लिए एडहाक कमेटी बनाई। पहले इसमें 10 लोग शामिल थे बाद में इसमें 10 लोग और जुड़ गए। इन 20 लोगों में आपसी तालमेल नहीं बना। इस वजह से सेक्टर 17 की सफाई व्यवस्था बदहाल हो चली है।

यहां के लोगों की माने तो एडहाक कमेटी के आपसी तालमेल ना होने से इसका बुरा असर सेक्टर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। सेक्टर 17 के चारों ओर एसोसिएशन ने चारदीवारी बनवाई थी वह जगह-जगह से टूट गई है। चोर-उचक्के उसे चारदीवारी फांदकर सेक्टर में घुस आते हैं। चहारदीवारी बनवाने को लेकर एडहाक कमेटी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। उल्टे एडहाक कमेटी के सदस्य यह कह कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं कि उनका कार्यकाल बस 90 दिनों का था जो खत्म हो गया है।