News Description
गर्भवती महिलाओं को रात में इलाज के बजाय भेज दिया जाता है

, गुरुग्राम: जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को भर्ती करने की व्यवस्था है, लेकिन अक्सर रात के समय

इन्हें भर्ती कराने के बजाय दिल्ली सफदरगंज अस्पताल भेज दिया जाता है। शनिवार को भी 14 गर्भवती महिलाओं को सफदरगंज अस्पताल में रेफर किया गया। जबकि सरकार हर वर्ष लाखों रुपये इस प्रचार पर खर्च करती है कि जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए गर्भवती की सुरक्षित डिलीवरी जिला अस्पताल में कराएं, लेकिन यह बात गुरुग्राम के जिला नागरिक अस्पताल के प्रबंधन को समझ नहीं आती। यहां गर्भवती को रेफर करने का सिलसिला आए दिन जारी रहता है। अधिकारियों ने भी कभी हर माह का रिकॉर्ड उठाकर नहीं देखा कि गायनी वॉर्ड में गर्भवती महिलाओं के साथ क्या चल रहा है।

रात के समय महिला विशेषज्ञ डॉ. गायनी वॉर्ड में नहीं होती हैं। कहने के लिए ऑन कॉल बुलाने की सुविधा है। लेकिन कोई डॉ. नहीं आती। डॉक्टरों की मजबूरी यह है कि अस्पताल में रहने की सुविधा नहीं है और डॉक्टर कई -कई किमी दूरी पर रहती हैं, जिससे रात को कुछ समय के लिए आना मुश्किल होता है।

गायनी वॉर्ड में सेवाओं को लेकर सभी डॉक्टरों के साथ बैठकर सुविधा बेहतर की जाएगी। रेफर करने के क्या कारण हैं जानकारी की जाएगी। कई बार कुछ मरीज ज्यादा गंभीर होते हैं जिन्हें हायर सेंटर में भेजना मजबूरी है।