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भाजपा ने गुरुग्राम को अपराध की राजधानी बना दिया : दुष्यंत चौटाला

डबवाली : रविवार को डबवाली की अनाज मंडी में इनेलो की ओर से आयोजित प्रदेश स्तरीय किसान-नौजवान रैली में मुख्य वक्ता बोलते हुए हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने किसान तथा रोजगार के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। वे करीब 23 मिनट तक बोले। पैरोल पर आए इनेलो के प्रधान महासचिव अजय चौटाला भी रैली में शामिल हुए। सांसद के बुलावे पर उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए इतना कहा कि सरकार की बहुत बेकायदगिया झेली हैं। वर्ष 2018 मुक्ति दिलाने का काम करेगा।

इससे पहले सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 3206 बच्चों को टीचर की नौकरी देने पर सरकार ने इनेलो के शीर्ष नेतृत्व को सलाखों के पीछे डाल रखा है। उन्होंने घोषणा की कि पिछली बार 3200 लगाए थे, इस बार सरकार बनी तो 3 लाख 20 हजार लगाएंगे। सांसद ने कहा कि इनेलो की लड़ाई मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र ¨सह हुड्डा या फिर अशोक तंवर या किसी ओर के साथ नहीं है। हमारी लड़ाई नरेंद्र मोदी से है। अगर उस लड़ाई को जीतने का काम करेंगे तो शीर्ष नेतृत्व हमारे बीच होगा। कई ऐसे साथी हैं जो संगठन की विचारधारा को तोड़ने के लिए गलत प्रचार करने का काम करते हैं। कोई कहता है कि दुष्यंत सीएम बनेगा, कोई कहता है अभय सीएम बनेंगे, कोई कहता है कोई और सीएम बनेंगे। आपकी पार्टी का कोई मुखिया या सीएम बनेगा तो वे मात्र ओमप्रकाश चौटाला बनेंगे।

हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज किसान अपनी कंबाइन को टोल के अंदर से ले जाता है तो 18 टायर वाले ट्रक के बराबर उसका टोल काटा जाता है। कंबाइन के अंदर कोई सीमेंट तो ले जा नहीं सकता। अगर लेकर जाएगा तो कटाई का सामान दूसरे प्रदेश के किसानों की मदद करने के लिए लेकर जाता है। लेकिन सरकार कंबाइन को कामर्शियल मानकर टोल लगाने का काम कर रही है। ट्रेक्टर पर हमारी जीत हुई है। हम रुकने वाले नहीं। ट्रेक्टर की बारी हो चुकी, अगली बारी कंबाइन की है। कंबाइल पर टोल का मामला पार्लियामेंट में उठाया जाएगा। सांसद ने कहा कि कुछ लोग केंद्र, पार्लियामेंट में बैठकर किसानों के अधिकारों को छीनने का काम कर रहे थे। इनेलो के दो एमपी तो बीजेपी के 282 एमपी लोकसभा में हैं। जब बीजेपी कानून बनाकर आपके गड्ढा (ट्रेक्टर) को कर्मिशयल वाहन बना देना चाहती तो मेरे साथ सांसद रोडी ट्रेक्टर पर बैठकर पार्लियामेंट तक गए। वो ट्रैक्टर पार्लियामेंट के दरवाजे के भीतर नहीं गया। बल्कि किसानों के दिलों में जाकर बैठा। उसका नतीजा यह रहा कि भाजपा को दो एमपी वाली पार्टी ने झुकाने का काम किया।