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बिना मिले संत गोपालदास का अनशन तुड़वाने का फैसला, मंत्री और चेयरमैन बोले

गोचराण विकास बोर्ड के गठन की मांग को लेकर जारी अनशन के 39वें दिन सोमवार को स्वामी ज्ञानानंद की अगुवाई में संतों के प्रतिनिधिमंडल ने संत गोपालदास की सभी मांगें स्वीकारने का दावा किया। संत के 5 प्रतिनिधियों के साथ मंत्री मनीष ग्रोवर के आवास पर उनकी हरियाणा गोसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला की उपस्थिति में डेढ़ घंटे बात चली। घीसा संत मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दहिया को सरकार का प्रस्ताव लेकर पीजीआई में भर्ती संत गोपालदास के पास भेजा गया, लेकिन संत ने सीएम से मांगें समयबद्ध ढंग से पूरी करने की घोषणा करने की शर्त रखते हुए सत्याग्रह तोड़ने का प्रस्ताव खारिज कर दिया। इधर, भानीराम ने साफ तौर पर कहा कि संत गोपाल दास की सभी मांगें पूरी की जाएंगी, लेकिन लिखित में आश्वासन नहीं देंगे। वहीं, सहकारिता राज्य मंत्री मनीष ग्रोवर ने संत गोपाल दास से अनशन खत्म करने की अपील की। इधर- रविवार रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर पीजीआई में भर्ती कराए संत ने मेडिकल ट्रीटमेंट लेने से मना कर दिया।

मंगला ने कहा कि संत गोपाल दास की मांग से पहले ही सरकार ने गौ सेवा आयोग का गठन किया है। हरियाणा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष भानीराम मंगला ने इस मुद्दे पर विपक्ष पर राजनीतिक रोटियां सेंकने का भी आरोप लगाया।

भानीराम मंगला, सहकारिता मनीष ग्रोवर, स्वामी ज्ञानानंद, महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद, संत महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामस्वरूप ब्रह्मचारी, घीसा संत मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दहिया, कर्ण पुरी और संत गोपाल दास के प्रतिनिधियों के बीच सोमवार को रोहतक में वार्ता हुई। इस पर पीजीआई में भर्ती संत ने कहा कि यदि सीएम या मुख्य सचिव इस संबंध में प्रेस रिलीज करें तो वे अनशन तोड़ सकते हैं, नहीं तो जारी रहेगा।