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बिजली समस्या को लेकर जमालपुरशेखां के लोग कार्यकारी अभियंता से मिले

टोहाना: बिजली समस्या को लेकर गांव जमालपुर शेखां के ग्रामीण व फैक्ट्री संचालक विद्युत निगम के कार्यकारी अभियंता से मिलने उनके कार्यालय में पहुंचे। वहां उनकी अनुपस्थिति में उन्होंने एसडीओ से मिलकर समस्या बारे अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि गांव की पंचायत द्वारा 33 केवी बिजली घर के लिए पंचायती जगह दी गई थी। जिसपर निगम ने उनके साथ वायदा किया था कि वह गांव को 24 घंटे बिजली देंगे। लेकिन उनके गांव में पूरा-पूरा दिन बिजली गायब रहती और अधिकतर समय बिजली खराब होने के कारण उन्हें 24 घंटे तो दूर मात्र छह घंटे तक भी बिजली उपलब्ध नहीं हो पाती। उन्होंने बताया कि जमालपुर शेखां बिजली घर को गांव समैण के बिजली घर से जोडा हुआ है। जबकि इस ओर बिछाई गई बिजली की तारें खस्ता हालत में है। जिसके कारण बिजली की समस्या बनी रहती है। उन्होंने बताया कि इस गांव के बिजली घर से पांच गांव चंदड, अमानी, खनौरा, जमालपुर, दमकौरा आदि को बिजली आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा 15.20 फैक्ट्रियों, लगभग 20.25 स्कूल व कालेज तथा कस्तूरबा गांधी स्कूल व होस्टल आदि को भी आपूर्ति इसी बिजली घर से होती है।

ग्रामीणों ने बताया कि बिजली समस्या के चलते उन्हें अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि 24 घंटे तक बिजली उपलब्ध न होने के कारण समय पर पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो पाया जिसके चलते महिलाओं को दूर-दराज जाना पडता है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात्रि को 12 बजे बिजली बंद होने के बाद जब शनिवार दोपहर तक बिजली नहीं आई तो लोग भड़क उठे। जिसके चलते उन्होंने विद्युत निगम के कार्यकारी अभियंता के समक्ष अपनी समस्या को रखने का निर्णय लिया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सभी बिजली तारे नई डालकर गांव को टोहाना बिजली घर से जोड़ा जाए ताकि गांव को पूरे समय तक बिजली मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया गया तो वह कड़ा निर्णय लेने को मजबूर होंगे।

इस अवसर पर ईश सरना, गेजू सैनी, दीपक अरोडा, रमेश जैन, पूर्व सरपंच लीला राम, ईश धवन, जो¨गद्र ¨सह, विनित गोयल, दीपक ग्रोवर, कांता ¨सह आदि उपस्थित थे।

--क्या कहते हैं एसडीओ

इस बारे में एसडीओ वरूण मेहता ने कहा कि रात्रि लगभग 12 बजे बिजली ब्रेक डाऊन हुई थी। जिससे बाद आपूर्ति बंद हो गई थी। उन्होंने बताया कि धुंध अत्याधिक होने के कारण सुबह लगभग पांच बजे परमिट होने के बाद ही कर्मचारियों द्वारा जांच करने पर बक्सा फटा हुआ मिला। जिसे बदल दिया गया है और देर सांय तक बिजली सप्लाई शुरू कर दी गई है।