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निजी कंपनी को कमान देने से बढ़ी बिजली निगम की परेशानी

सोनीपत: बिजली बिल समय पर नहीं पहुंच पाने और बिल में आ रही विसंगतियां उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। वहीं री¨डग लेने संबंधी पूरा काम एक निजी कंपनी को सौंपना भी बिजली निगम के गले की फांस बन गया है।

कंपनी द्वारा सभी मीटरों की समय पर सही री¨डग नहीं की जा रही है, जिससे बहुत से लोगों के घर या तो बिल पहुंचा ही नहीं या इनमें गलतियां हैं। जिन घरों में अमूमन तीन से चार हजार रुपये तक बिल आता रहा है उन्हें लाखों की राशि में बिल थमा दिए जा रहे हैं। बिजली निगम कंपनी पर लगाम कसकर सही ढंग से काम कराने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है। लोगों को बिल अदा करने की आखिरी तारीख निकलने पर पहुंचे बिल पर भी लेट फीस वसूली जा रही है।

कई जगह पर तो अरसे से उपभोक्ताओं को बिजली के बिल नहीं मिल रहे हैं। ऐसे भी उपभोक्ताओं को बिल ठीक कराने के लिए बिजली निगम कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। निजी कंपनी को कमान सौंपने के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि बिल ठीक आने लगेंगे और बिलों को लेकर उपभोक्ताओं की सिरदर्दी कम होगी, लेकिन कंपनी के कर्मचारी कई बार तो बिजली बिल नहीं पहुंचाते और कभी बिजली बिल पहुंचाते हैं तो उपभोक्ता को बढ़ा हुआ बिजली बिल देखकर झटका लगता है। कर्मचारियों को विभाग द्वारा शुरुआती दिनों में ट्रे¨नग भी दी गई थी। कंपनी ने भी अपने स्तर पर रिकॉर्ड को सही तरीके से व्यवस्थित करने के लिए सर्वे कराया था।

कर्मचारियों की मांगों को लेकर आए दिन गेट मी¨टग और विरोध प्रदर्शन करने वाली बिजली कर्मचारियों की यूनियनें उपभोक्ताओं की इस परेशानी को लेकर चुप्पी साधे हैं। इसके अलावा डिजिटल इंडिया का दावा कर कार्यालय में नहीं आने की बात करने वाला निगम ही उपभोक्ताओं के बिजली निगम के चक्कर कटा रहा है। उपभोक्ता अपने बिल को पेटीएम या अन्य साइट पर चेक करते हैं तो अनेक बिल वहां भी दिखाई नहीं दे रहे हैं