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पानीपत में बन सकता है कैंसर इलाज का अस्पताल

पानीपत : प्रदेश सरकार सिविल अस्पताल परिसर का दायरा बढ़ाकर, यहां कैंसर अस्पताल बनाने की योजना बना रही है। हरियाणा के प्रिंसिपल सेक्रेट्री एवं हेल्थ कमिश्नर अमित झा जिला वासियों के लिए उम्मीद जगा गए हैं। पानीपत औद्योगिक नगरी है। तकरीबन 14 लाख की आबादी वाले इस जिले में उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, असम, झारखंड आदि राज्यों की भी लगभग ढ़ाई लाख आबादी रहती है।

कैंसर पानीपत वासियों के लिए सबसे भयंकर बीमारी बनकर उभरी है। औद्योगिक शहर में प्रदूषण अधिक होने के कारण प्रत्येक वर्ष लगभग 500 लोग इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। वर्तमान की बात करें तो जिले में 8 हजार से ज्यादा कैंसर मरीज बताए गए हैं। जागरूकता के अभाव और सुविधा नहीं होने के कारण महज 10 प्रतिशत मरीज ही अपना इलाज करा पाते हैं। कैंसर से मरने वाले लोगों की संख्या भी हर वर्ष 150 से अधिक है। कैंसर के मरीजों को हौसला देने के लिए सरकार ने वर्ष 2017 में 'वी कैन, आइ कैन' का नारा दिया था लेकिन वह भी कागजों तक सिमटकर रह गया। जिले के कैंसर मरीजों का स्वास्थ्य विभाग के पास आंकड़े तक नहीं है। शनिवार को जब हेल्थ कमिश्नर अमित झा सिविल अस्पताल की नई व पुरानी बिल्डिंग का निरीक्षण करने पहुंचे तो विभाग के स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही और कैंसर रोगियों के अनुमानित आंकड़े देखकर भौंचक रह गए।

हेल्थ कमिश्नर ने कहा कि अंबाला व भिवानी की तर्ज पर हरियाणा सरकार पानीपत में भी कैंसर अस्पताल बनाएगी। सिविल अस्पताल परिसर का दायरा बढ़ाना पड़ा तो पीडब्ल्यूडी कार्यालय व आवास आदि तो दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने के लिए सरकार से अपील की जाएगी ।