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कंप्यूटर शिक्षकों में फिर उठ रहे विरोध के सुर

पंचकूला : रोजगार को लेकर चार साल से संघर्ष कर रहे प्रदेश भर के कंप्यूटर शिक्षकों में बीते दिनों मुख्यमंत्री से हुई बैठक में हल निकलने के आसार नजर आ रहे थे, मगर अभी तक उस बैठक में हुए निर्णय के अनुसार आदेश जारी न होने से कंप्यूटर टीचर्स की नाराजगी सामने आ रही है।

शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार 20 दिसंबर को हुई अधिकारिक बैठक के आदेश जल्द जारी होने की बात कही जा रही है। बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा कंप्यूटर टीचर्स को पहली जनवरी से पीआरटी गेस्ट टीचर्स के बराबर स्केल यानी 21700/- रुपये प्रति माह वेतन दिए जाने के आदेश तुरंत शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के के खंडेलवाल को दिए गए थे। लेकिन जैसे ही बीते सप्ताह कंप्यूटर टीचर्स को शिक्षा विभाग से उक्त वेतन को घटाकर 16 हजार किए जाने की बात पता चली तभी से प्रदेश के कंप्यूटर शिक्षकों में रोष नजर आ रहा है। शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान ने बताया कि बीते सप्ताह यह बात शिक्षा विभाग के निदेशक के माध्यम से तब पता चली जब वे आदेशों को लेकर विभाग के निदेशक से मिले। संघ के प्रधान ने बताया शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के आदेशों की खुलेआम धज्जिया उड़ाई जा रही हैं। इसे लेकर संघ का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलकर बातचीत करेगा। सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा देने के लिए वर्तमान में लगभग 2200 कंप्यूटर टीचर्स अपनी सेवाएं दे रहे हैं, मगर अभी तक न तो कंप्यूटर टीचर्स के पद स्वीकृत हैं और न ही कंप्यूटर विषय को अनिवार्य किया गया है।

कंप्यूटर टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रवक्ता सुरेश नैन ने बताया कि फिलहाल शिक्षक अस्वीकृत पद पर कार्य कर रहे हैं और कंप्यूटर के विषय का अनिवार्य न होना बेहद चिंताजनक है। इससे इस विषय के प्रति न तो विभाग गंभीर है और न ही स्कूलों में अधिकारी