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लापरवाह निगम अधिकारी, हर साल दो करोड़ का निगम को फटका

यमुनानगर : नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही से नगर निगम को सरकारी जमीन से दो करोड़ से ज्यादा का प्रतिवर्ष नुकसान हो रहा है। निगम एरिया में 1100 एकड़ में से पांच सौ एकड़ जमीन कृषि योग्य है। ये जमीन 2010 निगम के गठन के समय से खाली पड़ती हैं। अधिकारी इसको ठेके पर देते को सात साल में निगम के खाते में 14 करोड़ का लाभ होता। इस पैसे से नगर निगम में शामिल हुए 45 गांव का सुधार होता है। फिलहाल इन गांव में चलने के लिए सड़क तक नहीं है और पानी निकासी के भी पुख्ता प्रबंध नहीं है। ध्यान रहे कि जिस जमीन पर तीन दिन पहले शादीपुर में अवैध कब्जा किया गया, वह भी कृषि योग्य है। इसके अलावा वार्ड नंबर-5, 12, 14, 18 और 20 में भी जमीन बेकार पड़ी है।

भाकियू महासचिव हरपाल ¨सह का कहना है कि जिले में जमीन का ठेके का रेट 40 से 50 हजार रुपये एकड़ तक है। अधिकारी लोग के बजाय अपना फायदा सोचते हैं।

2010 में शामिल हुए थे 45 गांव

2010 में नगर निगम के गठन के समय 45 नए गांव शामिल हुए थे। सभी गांवों खेती के लिए सरकारी जमीन है, लेकिन अधिकांश वार्डो में जमीन लावारिस पड़ी है। जमीन में घास-फूंस उग रही है। कई जगह अवैध कब्जों की जद में आ रही है। निगम से मिली जानकारी के मुताबिक 1100 एकड़ में से अलग-अलग वार्ड में करीब पांच सौ एकड़ जमीन खेती योग्य इस स्थिति में है