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किसानों को वितरित किए प्रमाण-पत्र

कुरुक्षेत्र : एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र रामनगर में सोनीपत के मधुमक्खी पालकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। शुक्रवार को केंद्र संचालक एवं डॉ. बिल्लू यादव ने किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

प्रशिक्षण के प्रभारी डॉ. जेके श्योराण ने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन आज के समय की मांग बन चुकी है। प्रदेश में मधुमक्खी पालकों को निरंतर इस विषय की नवीनतम तकनीकों व जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार ने इजराइल सरकार के सहयोग से गांव रामनगर में एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र की स्थापना की गई है। कीट विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र नैन ने कहा कि राज्य में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए एकीकृत बागवानी मिशन के तहत 40 प्रतिशत अनुदान राशि पर 1600 रुपये प्रति बक्शा की दर से अधिकतम 80 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। एक व्यक्ति को 50 बक्शे इस स्कीम के तहत मिलेंगे। खाद्य विशेषज्ञ डॉ. नेहा चौधरी ने किसानों को शहद के गुण, उपयोग, मात्रा तथा शुद्ध शहद की पहचान और अपनी प्रयोगशाला में गजक को शहद से तैयार करने की विधि सिखाई और बताया कि इस केंद्र पर शहद से कई तरह के उत्पाद तैयार किए जा रहे बिस्किट, जैली व केक आदि। इन उत्पादों की बहुत मांग हैं। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण में उत्पाद बनाने की विधि किसानों को बताते हैं।