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सीवरेज का पानी घुसने से नष्ट हो रही फसलें

कलायत: रेलवे स्टेशन के पास 60 वर्षीय वृद्ध किसान के लिए जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बड़ी सिरदर्दी बनी है। प्रभावित सूबे ¨सह ने बताया कि अन्न पैदा करने के लिए उसने रेलवे विभाग से करीब एक एकड़ कृषि भूखंड ठेके पर ले रखा है। रेलवे स्टेशन परिसर से सटे इस भूखंड पर फसल उगाने के लिए वह दिनरात मेहनत करता है, लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग उसकी फसल को तबाह करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। हालात इस कदर खराब है कि सीवरेज का गंदा पानी खेत में हिलोरे मार रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन के बीच संबंधित क्षेत्र में गंदगी का आलम है। बार-बार शिकायत करने के बाद भी विभागीय अधिकारी समस्या का निराकरण नहीं कर रहे। सूबे ¨सह ने बताया कि बाजरा, धान, गेहूं और पशुचारे के लिए उसने उक्त जमीन ठेके पर ली थी। उम्मीद थी कि इस कार्य से वह परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। जब भी फसल कटाई और बुआई का समय होता है, जानबूझकर सीवर का पानी खेत में छोड़ दिया जाता है।

संबंधित विभाग के शीर्ष अधिकारियों को हेल्पलाइन के माध्यम से मामले की शिकायत दे चुका है। स्थानीय कर्मी बार-बार समस्या निराकरण के नाम पर प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं। वृद्ध कृषक ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह से पहले समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह जन स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के समक्ष अनशन करेगा।

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तेजी से बिगड़ रहे हालात:

रेलवे स्टेशन के पास चाय का स्टाल चला रहे शंकर शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार सीवरेज का पानी रेलवे परिसर में फैल रहा है। उससे यात्रियों के साथ-साथ आम आदमी भी परेशान है। जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण यह इलाका स्वच्छता अभियान से दूर होता जा रहा है। केंद्र सरकार के विभागीय परिसर में इस प्रकार के हालात पैदा होना गंभीर मामला है। इस संदर्भ में इलाकावासी पीएम और सीएम को पत्र लिखेंगे।

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सामाजिक संगठन ने खोली पोल:

टपरीवास एवं विमुक्त जाति सामाजिक संगठन जिलाध्यक्ष रामकुमार नायक ने कहा कि निकासी व्यवस्था को दुरूस्त करना जन स्वास्थ्य विभाग का कर्तव्य है। निकासी के लिए जो केंद्र बनाया गया है, उसे क्रियाशील नहीं किया जाता। तमाम उपकरणों को बंद रखे जाने के कारण सीवर मेनहाल ओवरफ्लो हो जाते है और गंदा पानी आवासीय क्षेत्र के पास फैला रहता है। इससे बड़ी बीमारी फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।